शहडोल के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में इंजीनियर्स डे के अवसर पर छात्रों का उद्योग विशेषज्ञों से संवाद कराया गया। कार्यक्रम में इंजीनियरिंग की पढ़ाई को व्यावहारिक काम, रोजगार की संभावनाओं और व्यक्तित्व विकास से जोड़कर समझाया गया।

माइनिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग पर चर्चा

एसईसीएल के जीएम वी.के. जेना ने माइनिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग की दैनिक जीवन तथा उद्योग में उपयोगिता बताई। उन्होंने इन क्षेत्रों की ऊर्जा, मशीनरी और उत्पादन में भूमिका समझाते हुए छात्रों को तकनीकी ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग सीखने और अपने विषय में दक्षता बढ़ाने की सलाह दी।

ओरिएंट पेपर मिल के एचआर सतीश शर्मा ने एयर फोर्स और कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि करियर की तैयारी केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहनी चाहिए और छात्रों को अनुशासन, संचार क्षमता तथा प्रोफेशनल कौशल पर भी काम करना चाहिए।

समाज की जरूरतों से तकनीक को जोड़ने पर जोर

अमरकंटक ताप विद्युत केंद्र के विजय देव ने इंजीनियर की भूमिका को तकनीकी समस्याओं के समाधान के साथ समाज के विकास से भी जोड़ा। एसईसीएल सोहागपुर के शिवम श्रीवास्तव, अभिषेक साहू और संस्कृत साहू ने कॉलेज में मिलने वाले अवसरों का बेहतर उपयोग करने तथा प्रतियोगी और व्यावसायिक क्षेत्र के लिए जरूरी कौशल विकसित करने पर जोर दिया।

संस्था के संचालक डॉ. पंकज जैन ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य छात्रों को तकनीकी ज्ञान, नवाचार, करियर मार्गदर्शन, व्यावहारिक अनुभव और व्यक्तित्व विकास की दिशा में तैयार करना था। कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षक डॉ. पी.एल. वर्मा, अन्य शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।