मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में अपनी रोजमर्रा की जरूरतों और आवागमन में आ रही कठिनाइयों को लेकर पहुंचे दो दिव्यांगजनों के लिए यह दिन राहत लेकर आया। जनपद पंचायत छपारा के ग्राम केकड़ा निवासी दशरथ पिता स्वरूप और जनपद पंचायत बरघाट के ग्राम मलारा निवासी रामसिंह पिता प्रहलाद बोपचे अपनी समस्या लेकर कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के समक्ष पहुंचे थे। कलेक्टर ने दोनों की समस्या को संवेदनशीलता से सुना और उनकी आवश्यकता को देखते हुए तत्काल ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

दशरथ और रामसिंह के लिए आवागमन की कठिनाई रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा थी। जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने में होने वाली परेशानी के कारण उन्हें दूसरों की सहायता पर निर्भर रहना पड़ता था। जनसुनवाई में उन्होंने अपनी आवश्यकता कलेक्टर के समक्ष रखी। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने उनकी बात को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

कलेक्टर के निर्देश पर दोनों हितग्राहियों को ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। ट्राइसाइकिल मिलने से अब वे अपने आवश्यक कार्यों के लिए अधिक सुविधा के साथ आवागमन कर सकेंगे। इससे उनके लिए दैनिक जीवन के कार्यों को स्वयं करने की राह आसान होगी तथा आवागमन के लिए दूसरों पर निर्भरता भी कम होगी।

ट्राइसाइकिल प्राप्त करने के बाद दोनों हितग्राहियों के चेहरे पर संतोष और खुशी नजर आई। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उनके लिए जनसुनवाई में मिली यह सहायता केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी को अधिक सहज बनाने वाला महत्वपूर्ण सहारा है।

कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में आने वाले नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना जाए तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद नागरिकों की समस्याओं के निराकरण में तत्परता के साथ मानवीय दृष्टिकोण भी महत्वपूर्ण है।

जनसुनवाई में दशरथ और रामसिंह को मिली ट्राइसाइकिल इस बात का उदाहरण है कि किसी जरूरतमंद की समस्या को ध्यान से सुनकर समय पर की गई छोटी-सी पहल उसके दैनिक जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। अब दोनों के लिए आवागमन का सफर पहले से अधिक सुगम होगा और वे अपने जरूरी कार्यों को अधिक सहजता से पूरा कर सकेंगे।