ग्राम अमलेटा निवासी श्रीमती उषा सोलंकी के लिए स्व-सहायता समूह से जुड़ना उनके स्वरोजगार को नई दिशा देने वाला साबित हुआ। जागृति आजीविका स्वयं सहायता समूह की सचिव एवं सदस्य श्रीमती उषा सोलंकी ने समूह के माध्यम से आर्थिक सहायता प्राप्त कर गांव में ही घड़ी एवं मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान शुरू की। आज उनकी दुकान पर बड़ी संख्या में ग्रामीण ग्राहक पहुंचते हैं और इससे उन्हें अच्छी आय प्राप्त हो रही है।
श्रीमती उषा सोलंकी बताती हैं कि वे पिछले करीब 30 वर्षों से इस कार्य से जुड़ी हुई हैं, लेकिन स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके काम को विस्तार देने का अवसर मिला। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जागृति स्वयं सहायता समूह को 6 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई, जिसका लाभ लेकर उन्होंने अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया।
ग्राम अमलेटा बड़ा गांव है और यहां मोबाइल रिपेयरिंग की अन्य दुकान नहीं होने के कारण उनकी दुकान पर ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही सुविधा मिल रही है। मोबाइल रिपेयरिंग के साथ घड़ी रिपेयरिंग का कार्य भी किया जा रहा है, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि हुई है।
श्रीमती उषा सोलंकी के तीन बच्चे हैं, जो अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। वे बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से मिलने वाली आर्थिक मदद और मार्गदर्शन से उन्हें अपने कार्य को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने का अवसर मिला।
अब श्रीमती उषा सोलंकी अपनी दुकान को और बड़ा स्वरूप देने की तैयारी कर रही हैं। भविष्य में वे साड़ी की दुकान शुरू करने के साथ ही महिलाओं के लिए भी अलग से दुकान संचालित करना चाहती हैं।
श्रीमती उषा सोलंकी कहती हैं कि स्व-सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे स्वयं का रोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है।


