जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अनीता राजेन्द्र ठाकुर, वरिष्ठ समाज सेवी श्री रामसनेही पाठक, कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह सहित अन्य अतिथियों की मौजूदगी में गुरूवार को कलेक्टर कार्यालय नरसिंहपुर में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में अतिथियों ने माला पहनाकर और श्रीफल देकर वृद्धजनों का सम्मान किया। आयुष और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा लगाए गए स्वास्थ्य स्टॉल में वृद्धजनों ने अपना- अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया।

इस अवसर पर 112 वृद्धजनों ने अपना बीपी, शुगर आदि की स्वास्थ्‍य जांचें करवाई और उन्हें आवश्यक दवाईयां वितरित की गई। आयुष विभाग के द्वारा वृद्धजनों को काड़े और आयुर्वेदिक औषधियों का वितरण किया। कार्यक्रम के दौरान वृद्धजनों को साइबर ठगी से बचाव एवं डिजिटल साक्षरता के संबंध में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूक किया।

उन्हें साइबर अपराधों से सतर्क रहने, अनजान व्यक्तियों के साथ व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करने तथा डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने का संदेश दिया गया। यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा आयोजित किया गया था।

वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर- श्रीमती अनीता राजेन्द्र ठाकुर

जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अनीता राजेन्द्र ठाकुर ने कहा कि वृद्धजन आज के समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव, समर्पण और त्याग से नई पीढ़ी को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा और ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि वृद्धजन उस वट वृक्ष के समान हैं, जिसकी छांव और सीख समाज को सदैव मार्गदर्शन प्रदान करती है। उन्होंने वृद्धजनों से कहा कि कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए स्वास्थ्य परीक्षण स्टॉल पर पहुंचकर अपने स्वास्थ्य की जांच अवश्य कराएं। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त होती है और समय रहते आवश्यक सावधानी एवं उपचार किया जा सकता है।

अपने अनुभव नई पीढ़ी के साथ साझा करें- कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह

कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वृद्धजन अपने जीवन के अनुभवों को आज की पीढ़ी के साथ साझा करें, ताकि युवा पीढ़ी गलत रास्तों से दूर रहकर अच्छे मार्ग पर आगे बढ़ सके और अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों ने अपने जीवन में अनेक संघर्षों और चुनौतियों का सामना किया है। उनके अनुभव और जीवन से मिली सीख आज की पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन का कार्य कर सकती है।

कलेक्टर श्रीमती सिंह ने कहा कि पहले के समय की जीवनशैली अपनाने वाले अनेक वृद्धजन आज भी स्वस्थ एवं सक्रिय हैं। उन्होंने वृद्धजनों से इसी तरह स्वस्थ और सक्रिय बने रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बुजुर्गों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वृद्धजन इन योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन को और बेहतर बनाएं तथा सक्रिय रूप से समाज से जुड़े रहें।

वृद्धजन हमारी संस्कृति और परंपराओं के संवाहक- श्री रामसनेही पाठक

वरिष्ठ समाज सेवी श्री रामसनेही पाठक ने कहा कि वृद्धजनों ने अपने जीवन के अमूल्य अनुभवों से आने वाली पीढ़ियों को महत्वपूर्ण सीख दी है। उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके योगदान का सम्मान करने के उद्देश्य से इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि वृद्धजन आज भी अपने अनुभवों के आधार पर नई पीढ़ी को आगे बढ़ने का मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।

श्री पाठक ने कहा कि जिस परिवार में बुजुर्गों का मान-सम्मान और उनकी सेवा होती है, उस परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहता है। वृद्धजन हमारी संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों के संवाहक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित भारत के रूप में देखने का संकल्प है।

भावी पीढ़ी तक देश की संस्कृति, परंपराओं और भारत की पहचान को सुरक्षित रूप से पहुंचाने में वृद्धजनों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों ने अपने जीवन और कार्यों के माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को सहेजने और आगे बढ़ाने का कार्य किया है। उनके अनुभव और जीवन मूल्य समाज की अमूल्य विरासत हैं, जिन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर श्रीमती बवीता जाट, श्री रूपकुमार सोनी, श्री प्रेमचंद्र राघव, श्री एसके चतुर्वेदी, उप संचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण श्रीमती अंजना त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी और वरिष्ठ नागरिकगण मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन मप्र जनअभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री जयनारायण शर्मा ने किया।