सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत “कहानी बदलाव की” में मेघनगर निवासी पार्थ दनगाया की उच्च शिक्षा की यात्रा यह दर्शाती है कि शासन की छात्रवृत्ति योजनाएं आर्थिक सहयोग प्रदान कर विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में अध्ययन जारी रखने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान कर रही हैं। अन्य राज्य पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से पार्थ को अब तक कुल 2 लाख 33 हजार 50 रुपये की छात्रवृत्ति प्राप्त हुई है, जिससे उनकी उच्च शिक्षा को आर्थिक संबल मिला है।
मेघनगर, जिला झाबुआ निवासी श्री नारायण दनगाया के पुत्र पार्थ दनगाया ने कक्षा 10वीं एवं 12वीं की शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, थांदला से पूर्ण की। प्रारंभ से ही कंप्यूटर एवं तकनीकी शिक्षा में रुचि रखने वाले पार्थ ने इसके बाद होलकर साइंस कॉलेज से बी.एससी. कंप्यूटर साइंस की शिक्षा सफलतापूर्वक पूर्ण की।
तकनीकी क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य बनाने के उद्देश्य से पार्थ ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 में तमिलनाडु स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), तिरुचिरापल्ली में तीन वर्षीय मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन्स (MCA) पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया। वर्तमान में वे MCA के तृतीय वर्ष में अध्ययनरत हैं।
गृह राज्य से बाहर प्रतिष्ठित संस्थान में अध्ययन के दौरान ट्यूशन फीस, हॉस्टल फीस एवं अन्य शैक्षणिक खर्चों का वहन विद्यार्थी और उसके परिवार के लिए आर्थिक चुनौती बन सकता था। ऐसे में अन्य राज्य पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना पार्थ की उच्च शिक्षा में महत्वपूर्ण सहारा बनी। योजना के अंतर्गत उन्हें प्रथम वर्ष में 1 लाख 29 हजार 500 रुपये तथा द्वितीय वर्ष में 1 लाख 3 हजार 550 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इस प्रकार दो वर्षों में उन्हें कुल 2 लाख 33 हजार 50 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई।
छात्रवृत्ति के अंतर्गत पात्रतानुसार ट्यूशन फीस, हॉस्टल फीस, लाइब्रेरी शुल्क एवं मेंटेनेंस भत्ते का लाभ मिला। NIT भारत सरकार द्वारा संचालित संस्थान होने के कारण नियमानुसार पात्र शुल्क की सहायता प्रदान की गई। इस आर्थिक सहयोग से पार्थ को फीस एवं अन्य आवश्यक शैक्षणिक खर्चों की चिंता कम हुई और वे अपनी पढ़ाई पर बेहतर ढंग से ध्यान केंद्रित कर सके।
वर्तमान में पार्थ अपने तीन वर्षीय MCA पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत हैं तथा तृतीय वर्ष की छात्रवृत्ति प्रदान की जानी है। छात्रवृत्ति से मिलने वाला सहयोग उन्हें पाठ्यक्रम पूर्ण करने और तकनीकी क्षेत्र में अपने कैरियर लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने में सहायक होगा।
पार्थ बताते हैं, “अन्य राज्य पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति से मिली आर्थिक सहायता ने मेरी उच्च शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। ट्यूशन फीस, हॉस्टल एवं अन्य शैक्षणिक खर्चों में सहायता मिलने से आर्थिक कठिनाई नहीं हुई और मैं अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सका।”
इस प्रकार अन्य राज्य पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना ने पार्थ की उच्च शिक्षा की राह को आर्थिक संबल प्रदान किया है। शासन की सहायता से वे देश के प्रतिष्ठित तकनीकी शिक्षण संस्थान में अध्ययन करते हुए अपने भविष्य और कैरियर के लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।


