बड़वानी के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में हिंदी व्याकरण के नियम शुक्रवार को किताबों के बजाय मंच पर जीवंत दिखाई दिए। हिंदी माह के अंतर्गत कक्षा चौथी के बच्चों ने अभिनय और संगीत के माध्यम से भाषा के प्रमुख अंगों को सरल उदाहरणों के साथ प्रस्तुत किया।

व्याकरण के अंग बने नाटक के पात्र

प्रस्तुति में विद्यार्थियों ने संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण, लिंग और वचन की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने इनकी परिभाषाएं बताने के साथ दैनिक जीवन से जुड़े व्यावहारिक उदाहरण भी नाटकीय अंदाज में सामने रखे।

इस सामूहिक गतिविधि में चौथी कक्षा के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। छात्र समर्थ व्यास ने सूत्रधार की जिम्मेदारी संभाली और अलग-अलग प्रसंगों को आपस में जोड़ा।

अभिनय के साथ भाषा सीखने पर जोर

कार्यक्रम का उद्देश्य व्याकरण के अपेक्षाकृत कठिन नियमों को खेल और अभिनय के जरिए सहज बनाना था। प्रस्तुति विद्यालय की प्रार्थना सभा में शिक्षकों और विद्यार्थियों के सामने हुई।

प्राचार्य कुंदन राठौर ने बाल कलाकारों के प्रयास की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि व्याकरण भाषा में शुद्धता, अनुशासन और सौंदर्य लाता है तथा मजबूत बुनियाद से भाषा पर पकड़ बेहतर होती है।

कार्यक्रम प्राचार्य कुंदन राठौर के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। प्राथमिक शिक्षिका रश्मि सोनी इसकी संयोजिका और विप्लव शर्मा समन्वयक रहे। विद्यालय में हिंदी माह के दौरान अन्य साहित्यिक गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।