बालाघाट जिले के मलाजखंड से निकले डॉ. राजेश कुमार राहंगडाले ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की सहायक प्राध्यापक वाणिज्य परीक्षा-2024 में प्रदेश स्तर पर नौवां स्थान प्राप्त किया है। वह फिलहाल शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय लालबर्रा में उच्च माध्यमिक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।
पढ़ाई के लिए खदान से दुकानों तक किया काम
आर्थिक कठिनाइयों के बीच पढ़ाई जारी रखने के लिए डॉ. राजेश ने मलाजखंड की खदानों में मजदूरी की। उन्होंने सुबह घर-घर अखबार बांटे, दुकानों में काम किया और कोचिंग संस्थानों में पढ़ाया, लेकिन अपनी तैयारी नहीं छोड़ी।
काम और पढ़ाई के साथ उन्होंने छोटे भाई और बहन की शिक्षा में भी सहयोग किया। उनकी बहन अब नर्सिंग ऑफिसर हैं, जबकि भाई भारतीय खाद्य निगम में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।
दो एकड़ जमीन पर निर्भर परिवार ने नहीं रुकने दी पढ़ाई
उनके किसान पिता के पास दो एकड़ जमीन थी। परिवार की आय बढ़ाने के लिए मां ने साग-सब्जियां बेचीं और जरूरत पड़ने पर अपने गहने भी गिरवी रखे। डॉ. राजेश अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, उच्च माध्यमिक शिक्षिका पत्नी और गुरुजनों के सहयोग को देते हैं।
दो प्रयासों की निराशा के बाद बदली रणनीति
वर्ष 2017 के पहले प्रयास में डॉ. राजेश प्रतीक्षा सूची में रह गए थे। वर्ष 2022 का परिणाम 13 प्रतिशत प्राविधिक सूची में अटकने के बाद उन्होंने अपनी कमियों पर काम किया और तैयारी की रणनीति बदली। तीसरे प्रयास में परीक्षा-2024 की मुख्य सूची में उन्हें नौवां स्थान मिला।
डॉ. राजेश का मानना है कि आर्थिक अभाव किसी व्यक्ति की मंजिल तय नहीं करते। लगातार प्रयास और असफलताओं से सीखने की उनकी यात्रा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए उपयोगी उदाहरण है।


