अगस्त में कॉलेज खुलते हैं तो परिपत्र भी चलते हैं। 12 अगस्त 2026 को उच्च शिक्षा विभाग ने लिखा, शासकीय और निजी महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ सक्रिय हो। पौधरोपण को पर्यावरण से जोड़ो। लगे पौधों की जानकारी Meri LiFE पोर्टल पर दर्ज करो। यह मोहन यादव सरकार के उसी राष्ट्रीय आह्वान को परिसर तक ले जाने का आदेश है।

विभाग साफ करता है: पौधा लगाना काफी नहीं, जीवित रखना है। पानी, सुरक्षा, नियमित देखभाल। नए रोपण के साथ पुराने पौधों का संरक्षण। विद्यार्थियों को जल संरक्षण, स्वच्छता, प्लास्टिक कम करने और जागरूकता से जोड़ने को कहा गया। पौधे को माँ की स्मृति से जोड़ने की परिकल्पना भी परिपत्र में है।

परिसर से पोर्टल तक की दूरी

आदेश कहता है अभियान व्यापक चलना है। कितने विश्वविद्यालयों ने अगस्त में रोपण किया, पोर्टल पर कितनी प्रविष्टियाँ हैं—विज्ञप्ति चुप है। कण निर्देश को निर्देश कहता है।

तस्वीर कॉलेज की क्यों नहीं?

इस परिपत्र के साथ कोई परिसर-फोटो नहीं छपी। साथ वाला चित्र 5 जून 2026 की भोपाल आरोग्य वाटिका का है—उसी अभियान का दूसरा कार्यक्रम। इसे किसी महाविद्यालय का प्रांगण न समझें।

मुख्य बातें

  • नए रोपण के साथ पहले लगे पौधों के संरक्षण पर जोर; पानी, सुरक्षा, नियमित देखभाल।
  • विद्यार्थियों को जल संरक्षण, स्वच्छता और प्लास्टिक घटाने से जोड़ने को कहा गया।
  • तस्वीर 5 जून की आरोग्य वाटिका की है, किसी कॉलेज प्रांगण की नहीं।

स्रोत और संदर्भ

  1. मध्य प्रदेश जनसंपर्क · महाविद्यालयों में भी चलेगा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान ↗12 अगस्त 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 17 सितंबर 2026।

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